पलकों में बसाकर तुझसे ख्वाब बुनते हैं,तेरे बिना हर लम्हा अधूरा सा लगता है। ❤️
और एक तू तन्हा मुसाफिर की तरह अकेले छोड़ जाते हैं!
वो लम्हा जब तू मेरा था, सबसे हसीन था,अब हर याद बस ज़ख़्म दे जाती है।
~ सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा,*सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,*ना जाने क्या बात थी उनमे और हममे,*सारी मेहफिल भुल गये बस वह चेहरा याद रहा”*
कि उसका न आना तुम्हारी मुस्कान छीन ले।
फ़िराक-ए-यार ने बेचैन मुझ को रात भर रक्खा,
बीते हुवे कल की यही कहानी है,कुछ LATEST SHAYARI COLLECTION खुद बर्बाद हुवे तो कुछ उनकी मेहरबानी है !!
ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं !
️ मुद्दतो बैठे रहे हम तेरे एहसास के साथ,
हम हारि हुई बाजी को भी जीत लिया करते है ।।
तेरी मोहब्बत का ये कितना खुबसूरत एहसास है,
प्यार करना गुनाह है इसलिए हमसे गलती हो गई
तेरे बिना अधूरी सी लगती है ये ज़िन्दगी,जैसे चाँद के बिना अधूरी हो चाँदनी।